Thursday, March 24, 2011

CHHOTA HONE KA DARD

छोटा  होने  का   दर्द ..  

बड़े   बाबू  छुट्टी  तो  घोषित  नहीं  हो  गयी  ?
कैसी  छुट्टी  ?
रंग  पंचमी  की  .  आज  तो  रंग  पंचमी  है  ना . कोई  आया  नहीं . 
घोषित तो नहीं है .दबंग लोग जब  चाहे मना  सकते  है .
सच   कह रहे हो बड़े बाबू  हम और आप छोटा  होने का दर्द पी रहे है .
दर्द कैसा हम तो ड्यूटी   पर है .
बाकि लोग  अफसर है इसीलिए  मौज कर रहे है. फायदे  का मौका  आये तो लूट लो कर्मचारी को भनक ना लगे . ड्यूटी  बस  कर्मचारी का फ़र्ज़ है  अफसर   का नहीं  ? बूढा  समाज  हो  चाहे आधुनिक दफ्तर छोटा होने का दर्द तो पीना  पड़ता है .
देश का दुर्भाग्य  और हम  छोटे लोगो के जीवन की सच्चाई  तो यही  है कैसे नक्कार  दू  ?     नन्द  लाल  भारती  24.०३.२०११


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